Geologic Time Scale

पेलियोजोइक महाकल्प (541 - 292 MYA)

पृथ्वी का भू-गर्भिक काल एवं इसका विकास 


  •  पृथ्वी की औसत उम्र लगभग 4.6 अरब वर्ष  पूर्व  से 5 अरब वर्ष पूर्व  माना गया है।


महाकल्प ( ERA)

पृथ्वी के एक बड़े कालखंड को महाकल्प कहते हैं। जिनको दर्शाने के लिए MYA  (Million Years Ago ) का प्रयोग होता है ,महकल्पों की कुल संख्या पांच है ।जिनके नाम नीचे दिए गए हैं :

  •  प्री पेलियोजोइक  महाकल्प ( शुरुआत - 541 MYA )
  • पेलियोजोइक महाकल्प ( 541- 252 MYA)
  •  मेसोजोइक  महाकल्प (252- 66 MYA)
  • सीनोजोइक  महाकल्प ( 66- 2.6 MYA)
  • निओजोइक  महाकल्प ( 18 Lakhs - Present)

युग ( Epoch )


महाकल्प से छोटे कालखंड को युग ( Epoch ) कहा जाता  है । युगों की कुल संख्या 4 है । जिनके नाम ये हैं  –


  • प्राथमिक  युग
  • द्वितीयक  युग
  •  तृतीयक युग
  •  चतुर्थक  युग

कल्प / शक ( Period)

युग से छोटे कालखंड को कल्प / शक कहते हैं जिनकी संख्या 18 हैं । अतः कुल 18 कल्प हैं । मानव की उत्त्पत्ति तृतीयक युग के प्लायोशीन कल्प में हुई है,


  •  आर्कियन ( 4.6 -4 Billion years Ago )
  •  प्री-कैम्ब्रियन ( 4 Billion years Ago -541 MYA)

  •  कैम्ब्रियन  (541- 485.4 MYA)
  •  वोर्डोविशियन ( 485.4- 443.8 MYA)
  •  सिलुरियन  ( 443.8- 419.2 MYA)
  •  डियोनियन ( 419.2 - 358.9 MYA)
  •  कार्बोनिफेरोस ( 358.9 - 298.9 MYA)
  •  पर्मियन ( 298.9 - 252 MYA)

  • ट्रियासिक ( 252 - 201 MYA)
  • जुरासिक ( 201 - 145 MYA)
  • क्रिटैसियस ( 145 - 66 MYA) Longest time span of 79 MYA

  •  पेलियोशिन  (66 - 56 MYA)
  •  इयोशीन ( 56 - 33.9 MYA)
  • ओलिगोशीन ( 33.9 - 23 MYA)
  • मायोसीन ( 23 - 16 MYA)
  •  प्लायोशीन ( 5.3 - 2.6 MYA)

  •  प्लीस्टोसीन ( 18 Lakhs - 11 Thousands)
  •  होलोसीन  ( 11 Thousands - Present)

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प्री पेलियोजोइक  महाकल्प (- - से 542 MYA )

इसकी शुरुआत का कोई निश्चित  तथ्य ज्ञात नही परन्तु इसका अंत 542 MYA ( million years ago ) तक माना जाता है । इसके अंतर्गत  कोई युग शामिल  नही है । जबकि इसमें दो कल्प शामिल  हैं।


  • आर्कियन : इस कल्प का समय ( 4.6 - 4 Billion years Ago) तक मन गया है ,इस समय  जीवन की उत्पवि नही हुई थी , केवल नीश और ग्रेनाइट उपलब्ध थे। महासागर का निर्माण  इसी कालखंड में हुआ 
  • प्री- कैम्ब्रियन : इस कल्प का समय अंतराल ( 4 Billion years Ago - 541 MYA)  है  जहाँ कुछ सूक्ष्मजीवों की उत्त्पत्ति  हुई । अरावली और धारवाड़ की चट्टाने बनी ।


पेलियोजोइक महाकल्प (541 - 292 MYA)



पृथ्वी का भू-गर्भिक काल एवं इसका विकास


  • कैम्ब्रियन : कैम्ब्रियन का कालखंड ( 541 - 485.4 MYA) माना गया है  जिसमे  विंध्यन पर्वत , समुद्री घास , सूक्ष्मजीवों  एवं वनस्पतियों का विकास  हुआ । बिना  रीढ़ वाले  जीवों का विकास  भी इसी काल मे हुआ ।



  •   वोर्डोविशियन  : यह  काल ( 485.4 - 443.8 MYA) के बीच तक का है ,सबसे महत्वपूर्ण तथ्य इस काल का है की , सागर स्थलों के अंदर  प्रवेश कर गया था और लगभग आधा अमेरीका जलमग्न हो  गया था ।


  • सिलुरियन : यह पेलियोजोइक महाकल्प का तीसरा कल्प है जिसका समय अंतराल ( 443.8 - 419.2 MYA) है ,इस काल मे पहली बार समुद्री मछलियों  की उत्त्पत्ति हुई , प्रवाल भित्ति और  रीढ़ की हड्डियों वाले जीवों  की उत्पत्ति  हुई । अतः इस काल को Age of Vertebrates भी कहते हैं ।


  •   डियोनियन :  सिलुरियन के बाद आनेवाला युग डियोनियन है जिसका कालखंड (419.2 - 358.9 MYA)  तक है , इस समय पेंडो की ऊंचाई  लगभग 40 फ़ीट हुआ करती थी , पहली बार सार्क  मछर्लयों की उत्त्पत्ति  हुई साथ ही पहली बार उभयचरों की उत्त्पत्ति  होने के कारण , इस काल को Age of Fish भी कहते हैं ।
  •   कार्बोनिफेरस -  इस महाकल्प का यह चौथा कालखंड है जो 358.9 - 298.9 MYA  तक चला ,इस काल में 100 फीट तक की ऊंचाई वाले  पेंड हुआ करते थे ,कोयले के नीछेप सबसे पहले कार्बोनिफेरस युग में हुए है , इस युग को Age of Amphibians भी कहा जाता है,
  • पर्मियन काल :यह पेलिओजोइक महाकल्प का सबसे अंतिम कालखंड है जो कार्बोनिफेरस की समाप्ति के बाद प्रारम्भ होता है ,जिसका समय अंतराल (298.9 - 252 MYA) है ,इस समय   जर्मनी में ब्लैक फारेस्ट और वरजेज पर्वत का उदय  हुआ ,

मेसोजोइक  महाकल्प (251 -186 MYA )

पेलियोजोइक महाकल्प के बाद आनेवाला महाकल्प मेसोजोइक महाकल्प है, जिसमे  द्वितीयक युग शामिल है और इस युग के  तीन कल्प हैं जिनके नाम निचे दिए गए हैं 
  • ट्रियासिक युग ( 252- 201 MYA) : इस युग में रेंगने वाले जीवों का विकास हुआ ,पहली बार केकड़े की उत्त्पत्ति इसी काल में हुआ,भारत मे गोंडवाना क्रम की चट्टानों की उत्त्पत्ति पर्मियन काल में हुई, इसलिए इस काल को Age of Reptiles  भी कहते हैं, 
  • जुरासिक युग ( 201 - 145 MYA): इस युग में dianosaur की उत्पत्ति हुई ,आर्कियोप्टैरिक्स की भी उत्पत्ति इसी काल में हुईऊ,आर्कियोप्टैरिक्स वैसे जीव होते हैं जो स्थल एवं वायु दोनों में रहते हों ,
  • क्रिटैसियस युग ( 145 - 66 MYA) : 
  1. इस युग में कछुए की उत्पत्ति हुई 
  2. भारत के महाराष्ट्र(Maharastra ) के बुलढाना जिला में ज्वालामुखी फटने के कारण  क्रेटर से बने लोनार झील का निर्माण हुआ 
  3. रॉकी पर्वत और  एंडीज पर्वत का  उदय उदय  हुआ ,

सिनोजोइक महाकल्प 

तृतीयक युग (Tertiary Epoch )

  • पेलियोसीन : इस युग का काल खंड 66 -56 MYA  है,इसी समय पहली बार धरती पर स्तनधारी (Primate ) का उदय हुआ जिनमे मानव (कपि के रूप ), गोरिला ,चिम्पांज़ी  और आरंगुटान शामिल हैं 
  • इयोसीन : इस काल का उदय लगभग 56 -33.9 MYA माना गया  है , ट्रांस हिमालय का उदय इसी समय हुआ है 
  • ओलिगोसीन युग : यह  युग सिनोजोइक महाकल्प के तृतीयक युग के अंतर्गत आता है  जिसका  कालखंड 33.9 - 23 MYA है, इस युग में वृहद् हिमालय ( Great Himalaya ) का उदय हुआ 
  • मायोसीन : यह लगभग 23 - 16 MYA का समय है जो सिनोजोइक महाकल्प के तृतीयक युग में शामिल है  जिसमे मध्य हिमालय की उत्पत्ति हुई ,
  • प्लायोसिन काल : इसकी अवधी 5.3 -2.6 MYA है ,सिवालिक हिमालय की उत्पत्ति प्लायोसिन काल में हुई मानव के आदि पूर्वज जिसे रामपिथेकस या ऑस्ट्रेंलोपिथेकस  कहते है ,इसकी भी उत्पत्ति इसी काल में हुई है ,

नियोजोइक महाकल्प 

सबसे अंतिम महाकल्प का नाम नियोजोइक है , इस महाकल्प में चतुर्थक युग और दो कल्प है , जिनका वर्णन निचे किया गया है ,

चतुर्थक युग 

यह युग नियोजोइक महाकल्प  के अंतर्गत आता  है ,चतुर्थक युग में दो कल्प (Period ) शामिल हैं ,
  • प्लीस्टोसीन (Pleistoceen ) : यूरोप में हिम युग प्लीस्टोसीन काल में आयी थी जिसे हम गुर्जमंडल रिस्क भी कहते हैं , Pleistocene का समय 18लाख - 11 हजार तक का है ,
  • होलोसीन (Holocene ) : 11 हजार से अब तक का समय Holocene कहलाता है,

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